Home ताज़ातरीन अमिताभ बच्चन ने नागरिक स्वतंत्रता पर उठाये सवाल, बीजेपी हुई हमलावर 

अमिताभ बच्चन ने नागरिक स्वतंत्रता पर उठाये सवाल, बीजेपी हुई हमलावर 

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अमिताभ बच्चन ने नागरिक स्वतंत्रता पर उठाये सवाल, बीजेपी हुई हमलावर 

कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में अमिताभ बच्चन ने एक बयान देकर सबको भौंचक्का कर दिया, इस बयान के बाद बीजेपी उनपर हमलावर हो गई. अमिताभ ने कहा है कि देश को आजादी मिले कई साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी नागरिकों की स्वतंत्रता और उनके फ्रीडम ऑफ स्पीच पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इस दौरान प्रोग्राम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं. उन्होंने बिग बी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि अमिताभ जी ने वो बातें कही हैं जो कोई नहीं कह सकता है.

अमिताभ के इस बयान पर बीजेपी आक्रामक हो गई है. बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा कि अमिताभ के शब्द भविष्यसूचक नहीं हो सकते हैं, क्योंकि उन्होंने फ्रीडम की बात ऐसी जगह कही है, जहां चुनाव के बाद सबसे ज्यादा खूनी हिंसा हुई थी.

अमिताभ ने कहा कि हम दर्शकों को हल्के में नहीं ले सकते. दर्शकों के पास हर तरह का कंटेंट होता है. वो इसे कहां देखना चाहते हैं, ये उनकी अपनी मर्जी है. अमिताभ ने ये बात उस समय कही जब शाहरुख खान की फिल्म पठान को लेकर विवाद चल रहा है.

उधर, पठान कॉन्ट्रोवर्सी पर अभिनेता शाहरुख खान ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी. फिल्म पर विवाद के बीच उन्होंने पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. शाहरुख ने गुरुवार को कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इशारों – इशारों में कहा- दुनिया चाहे कुछ भी कर ले. मैं और आप जितने भी पॉजिटिव लोग हैं. सब जिंदा हैं! शाहरुख का इशारा उन लोगों की ओर था जो सोशल मीडिया पर फिल्म को ट्रोल कर रहे हैं.

शाहरुख खान यहीं नहीं रुके. उन्होंने लगे हाथ सोशल मीडिया पर नैरेटिव गढ़ने वालों की भी क्लास ले ली. मॉडर्न जमाने और सोशल मीडिया पर बात करते हुए शाहरुख ने कहा- आज के वक्त में सोशल मीडिया द्वारा एक कलेक्टिव नैरेटिव दिया जाता है. मैंने कहीं पढ़ा था, निगेटिविटी सोशल मीडिया के यूज को बढ़ाती है. इसके अलावा कॉमर्शियल वैल्यू भी इसकी बढ़ती है. इस तरह की कहानियां हमें बांटने और भटकाने का काम करती हैं. शाहरुख ने कहा- चाहे कुछ भी हो, हमें पॉजिटिव रहना है. नकारात्मक सोच से दूर रहना है. शाहरुख खान के इतना बोलते ही नेताजी इंडोर स्टेडियम तालियों से गूंज उठा.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इशारों – इशारों में बीजेपी पर निशाना भी साधा. ममता ने कहा कि बंगाल मानवता, एकता, विविधता और एकीकरण के लिए लड़ता रहा है. बंगाल न तो सिर झुकाता है और न ही भीख मांगता है. मानवता के लिए, अनेकता में एकता के लिए बंगाल हमेशा साहस के साथ लड़ता है. यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी. बंगाल कभी झुकता नहीं, कभी भीख नहीं मांगता, हमेशा सिर ऊंचा रखता है.

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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.

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