Thursday, February 29, 2024
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व्यापार और निवेश की संभावनाओं को तलाशने भारत के दौरे पर यूएई का हाई प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल

अंजरूल बारी

संयुक्त अरब अमीरात का एक हाई प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर बुधवार को पहुँच रहा है. माना जा रहा है कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत और यूएई के संबंधों को तो मजबूत करेगा ही साथ ही साथ ही भारत में व्यापर और निवेश की संभावनाओं की तलाश भी करेगा. यूएई के आर्थिक मामलों के मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री एवं उद्यमिता और एसएमई राज्य मंत्री डॉ. अहमद बेलहौल अल फलासी इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.      
जानकारी के मुताबिक़ यूएई के इस हाई प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल में कई मंत्री और नौकरशाह भी शामिल है, जो भारत के अलग – अलग मंत्रालयों के मंत्रियों से मुलाकात करेंगे, जो यूएई के आर्थिक विकास और व्यापार की सम्भावनानो की तलाश भी करेंगे. सूत्रों के मुताबिक इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अहमद अल बन्ना, भारत में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत, जुमा मोहम्मद अल कैत, विदेश व्यापार मामलों के सहायक अवर सचिव, अर्थव्यवस्था मंत्रालय के फैसल अल हम्मादी, उद्यमिता और एसएमई
के लिए कार्यवाहक सहायक अवर सचिव, अबू धाबी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अब्दुल्ला मोहम्मद अल्माजरुई, उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्रालय में औद्योगिक त्वरक क्षेत्र के लिए सहायक अवर सचिव ओसामा आमिर फज़ल और सरकारी और निजी क्षेत्रों के 80 से अधिक प्रतिनिधि शिरकत करेंगे.

           इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच एक ऐसा मजबूत और टिकाऊ तंत्र तैयार करना है जो दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय को लाभ पहुंचा सके. बता दें कि  फरवरी 2022 में दोनों देशों के बीच सीईपीए के तहत कई तरह के आर्थिक और व्यापारिक समझौते हुए थे. अब उन समझौतों पर अमल करने की बारी है. इससे दोनों देशों का विकास संभव है और निवेश की सम्भावना भी बढ़ेगी.        
यूएई के इस दौरे से कई तरह के विकास के आयाम खुलने की सम्भावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल को भारत उन सुविधाओं और सेवाओं के बारे में भी बताएगी जो ऐतिहासिक सीईपीए द्वारा दोनों देशों में कंपनियों और व्यवसायों को प्रदान करेगी. जानकारी के मुताबिक़ अगर दोनों देश सबकुछ समझ जाते हैं तो दोनों देशों के आर्थिक विकास में यह समझौता मील का पत्थर साबित होगा.
         यूएई प्रतिनिधिमंडल का पूरा ध्यान ऐसे क्षेत्रों पर केंद्रित होने की बात कही जा रही है, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था को गति मिल सके और भारत का भी विकास हो सके. यूएई का मुख्य फोकस, औद्योगिक उत्पादन, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, आईसीटी, खाद्य सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी ढांचा, रसद सेवाएं, कृषि-प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, और भविष्य के अन्य आर्थिक क्षेत्र पर होगा ताकि तेजी से विकास हासिल किया जा सके.         खबर के मुताबिक दोनों देशों के मंत्री, नौकरशाह और व्यापारी आपस में मुलाकात करेंगे और और अपने मुताबिक के क्षेत्रों के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए करार भी करेंगे. ये सारे करार सीईपीए के तहत होने हैं और दोनों देशों को इससे काफी उम्मीद भी है. खबर के मुताबिक दोनों देश के नेताओं, मंत्रियों और नौकरशाह और निजी कंपनियों के प्रमुखों के साथ ढीली के अलावा मुंबई में भी बैठक होगी. खबर ये भी कि इस बैठक में कई स्टार्टअप की शुरुआत भी होगी.
          खबर के मुताबिक यूएई के प्रतिनिधिमंडल में 41 सरकारी और निजी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं. इस प्रतिनिधिमंडल में जो कंपनियां शामिल है, उनमे विशेष रूप से अर्थव्यवस्था मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय, उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण, अबू धाबी आर्थिक विकास विभाग, अबू धाबी चैंबर वाणिज्य और उद्योग विभाग, दुबई अर्थव्यवस्था और पर्यटन विभाग, डीएमसीसी, शारजाह निवेश और विकास प्राधिकरण (शूरूक), और रास अल खैमाह आर्थिक क्षेत्र (आरएकेईजेड), फुजैरा में आर्थिक विकास विभाग, संयुक्त अरब अमीरात अंतर्राष्ट्रीय निवेशक परिषद, अबू धाबी पोर्ट्स ग्रुप, मसदर, डीपी वर्ल्ड, विज्ज एयर अबू धाबी, फ्लाईदुबाई, लुलु ग्रुप इंटरनेशनल, शराफ ग्रुप, कानू ग्रुप, सिलाल कंपनी है.
        बता दें कि भारत 2021 में संयुक्त अरब अमीरात का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है बना है. भारत के साथ संयुक्त अरब अमीरात के व्यापार की कुल मात्रा का 9% और संयुक्त अरब अमीरात के गैर-तेल निर्यात का 13% है. जबकि दोनों देशों के बीच गैर-तेल विदेशी व्यापार 2021 में  165 बिलियन (यूएई दिरहम) तक पहुंच गया.  2020 की तुलना में यह 66% की वृद्धि है. अब व्यापर को और भी आगे बढ़ाने की बात की जा रही है ताकि दोनों देशों में खुशहाली का माहौल बन सके.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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