Home ताज़ातरीन सूडानी सेना सिविल सरकार को मान्यता देकर अपने पेशेवर कर्तव्यों का सुबूत दे : जनरल अब्दुल फत्ताह

सूडानी सेना सिविल सरकार को मान्यता देकर अपने पेशेवर कर्तव्यों का सुबूत दे : जनरल अब्दुल फत्ताह

0
सूडानी सेना सिविल सरकार को मान्यता देकर अपने पेशेवर कर्तव्यों का सुबूत दे : जनरल अब्दुल फत्ताह

सूडान की स्वतंत्र सैन्य परिषद के प्रमुख जनरल अब्दुल फत्ताह अल बरहान ने कहा कि फौज ने अपने अस्थाई सरकार के दौरान कई उद्देश्यों के लिए कोशिशें की थीं. उन्होंने कहा कि सैन्य और सुरक्षा बलों को संविधान और कानून के अनुसार निर्वाचित सरकार के अधीन होना चाहिए.

राजधानी खार्तूम में आयोजित राजनीतिक फ्रेम वर्क में हस्ताक्षर समारोह में बोलते हुए, जनरल अब्दुल फत्ताह अल-बरहान ने कहा कि सेना को राजनीति में घसीटने या किसी पार्टी या समूह या विचारधारा का समर्थन करने से रोका जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सैन्य और सुरक्षा बलों को कुछ व्यक्तिगत, राजनीतिक, समूह या आदिवासी एजेंडे को पूरा करने के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग करने से बचना चाहिए.

जनरल अब्दुल फ़त्ताह अल-बरहान ने कहा कि सशस्त्र बलों को सिविलियन सरकार को मान्यता देकर अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन करना चाहिए, और राजनीतिक टकरावों के दौरान सशस्त्र बलों को हमेशा तटस्थ रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सेना को सीमाओं की रक्षा और विदेशी आक्रमण को रोकने पर ध्यान देना चाहिए. व्यापक सुरक्षा नीति विकसित करके देश की विदेश नीति का समन्वय करना नागरिक सरकार की एकमात्र जिम्मेदारी है.

जनरल अब्दुल फत्ताह अल बुरहान ने कहा कि नागरिक सरकार को सशस्त्र बलों के तकनीकी मामलों में दखल देने से बचना चाहिए.

Previous article फीफा वर्ल्ड कप: जापान को पेनल्टी किक से हरा क्वार्टर फाइनल में पहुंचा क्रोएशिया
Next article G-20 की अध्यक्षता : कांग्रेस का तंज़, ऐसा नाटक अब तक किसी ने नहीं किया
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here