Saturday, April 13, 2024
होमविदेशरानिल विक्रमसिंघे बने श्रीलंका के नए राष्ट्रपति, सत्ता परिवर्तन से संतुष्ट नहीं...

रानिल विक्रमसिंघे बने श्रीलंका के नए राष्ट्रपति, सत्ता परिवर्तन से संतुष्ट नहीं प्रदर्शनकारी

 

कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को श्रीलंका का नया राष्ट्रपति चुन लिया गया है. विक्रमसिंघे साल 2024 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे. बता दें कि गंभीर श्रीलंका इस समय गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट से दोचर है. इससे पहले बुधवार को श्रीलंका की संसद में नए राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर मतदान हुआ. विक्रमसिंघे को कुल 134 सांसदों के वोट मिले हैं जबकि उनके प्रतिद्वंदी दलस अलापेरुमा को कुल 82 वोट मिले. इस चुनाव में 223 सांसदों ने वोट दिया. जिनमें से सिर्फ 219 वोटों को वैध माना गया और चार वोट अमान्य करार दिए गए.

 

लेकिन श्रीलंका में प्रदर्शनकारी नए राष्ट्रपति के चुनाव से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने अपने विरोध और प्रदर्शन ने को जारी रखने का एलान किया है. हालांकि कई लोगों ने उनकी जीत पर दुख जताया है. एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं इस नतीजे से बिल्कुल खुश नहीं हूं. मुझे यक़ीन नहीं हो रहा है कि 134 सांसदो ने, लोगों की इच्छा को नज़रअंदाज़ किया है.”

 

बता दें कि मई के महीने में रनिल विक्रमसिंघे छठी बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री बने थे. हालाँकि, राजपक्षे बंधुओं के दौर में हुए पिछले संसदीय चुनाव में उनकी यूनाइटेड नेशनल पार्टी की अप्रत्याशित हार हुई थी. उन्हें एक भी सीट पर जीत नहीं मिल सकी.

 

गौतलब है कि कुछ दिन पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़कर सिंगापुर चले जाने और वहीं से इस्तीफ़ा भेज देने के बाद से ही रानिल विक्रमसिंघे राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल रहे थे.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments