Thursday, February 29, 2024
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक का केंद्र पर हमला, कहा सरकार के खिलाफ होगी बड़ी लड़ाई

राज्यपाल सत्यपाल मलिक का केंद्र पर हमला, कहा सरकार के खिलाफ होगी बड़ी लड़ा

 

अखिलेश अखिल

 

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. रविवार को मलिक जयपुर पहुंचकर राष्ट्रीय जाट संसद में खूब बोले. अपनी ही पार्टी की केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि ‘अगर समय से पहले एमएसपी पर कानून लागु नहीं होता है तो देश में किसानो और सरकार के बीच ऐसी लड़ाई होगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. यह भयंकर लड़ाई होगी और मैं खुद अपना इस्तीफा देकर मैदान में उतरूंगा. उन्होंने कहा कि मै इस्तीफा लेकर जेब में घूमता हूँ. किसानो के लिए चार महीने बाद मैदान जाऊंगा.

मलिक यहीं नहीं रुके. उन्होंने ने अंबानी-अडानी पर भी पर निशाना साधा. बोले – अडानी ने किसानों की फसल सस्ते दाम पर खरीदने और महंगे दामों पर बेचने के लिए पानीपत में बड़ा गोदाम बनाया है. अडानी का ऐसा गोदाम उखाड़ फेंको. डरने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ जेल चलूंगा. अडानी और अंबानी मालदार कैसे हो गए हैं, जब तक इन लोगों पर हमला नहीं होगा, तब तक ये लोग रुकेंगे नहीं.

राज्यपाल सतपाल मलिक ने कहा कि देश के एयरपोर्ट, रेलवे, शिपयार्ड सरकार के दोस्त अडानी को बेचे जा रहे हैं. हमें देश को बिकने से रोकना होगा. जब सब बर्बाद हो रहे हैं तो पीएम बताएं कि ये लोग कैसे मालदार हो रहे हैं.

राज्यपाल मलिक ने कहा कि जब किसान आंदोलन में हमारे लोग सड़कों पर मरने लगे, तब मैं अपना इस्तीफा जेब में लेकर प्रधानमंत्रीजी से मिलने गयाथा. मैंने उन्हें समझाया कि इन लोगों के साथ ज्यादती हो रही है. कुछ ले-देकर इन्हें हटा दीजिए. उन्होंने कहा – चले जाएंगे।.मैंने उनसे कहा आप इन्हें जानते नहीं. यह तब जाएंगे जब आप चले जाएंगे. तब वह नहीं माने. बाद में उन्हें समझ में आया. तब उन्होंने माफी मांग कर कानून वापस लिए.

सतपाल मलिक ने कहा कि मेरे तो राज्यपाल के तौर पर 4 महीने बचे हैं. जेब में इस्तीफा लेकर घूमता हूं, मां के पेट से गवर्नर बन कर नहीं आया था. इसलिए मैंने सोच रखा है कि रिटायर होने के बाद किसानों के हक के लिए पूरी ताकत से जुट जाऊंगा. मेरा दो कमरे का घर ही मेरी ताकत है, इसलिए किसी से भी पंगा ले लेता हूं.

बता दें कि सतपाल मलिक जयपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट पार्लियामेंट में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने जाट समाज में बढ़ती दहेज प्रथा को खत्म करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब वह दहेज को छोड़ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े क्योंकि शिक्षा ही समाज और देश को आगे बढ़ा सकती है.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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