Sunday, February 25, 2024
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मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फत्ताह अल सीसी उच्चयस्तरीय दल के साथ पहुंचे भारत, गणतंत्र दिवस पर होंगे चीफ गेस्ट

भारत के 74वें गणतंत्र दिवस समारोह के बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फत्ताह अल-सीसी एक हाई लेवल डेलिगेशन के साथ भारत पहुंच गए हैं. इससे पहले वो करीब 8 साल पहले अक्टूबर 2015 में पहली बार भारत दौरे पर आए थे. बता दें कि 2022-23 में जी-20 के भारत की अध्यक्षता में हो रहे कार्यक्रम के दौरान मिस्र को ‘अतिथि देश’ के रूप में भी आमंत्रित किया गया है. दिल्ली पहुंचे मिस्री राष्ट्रपति सीसी का 25 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा. वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाम में राजकीय भोज की मेजबानी करेंगी. राष्ट्रपति सिसी प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में भी शामिल होंगे.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनभागीदारी की थीम पर गणतंत्र दिवस 2023 के कार्यक्रमों का आह्वान किया है. पीएम की परिकल्पना के तहत गणतंत्र दिवस समारोह स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी से शुरू होंगे. 30 जनवरी को शहीद दिवस के दिन गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होगा. सप्ताह भर के कार्यक्रमों के दौरान इंडियन नेशनल आर्मी के उन दिग्गजों और आदिवासी समुदाय के सपूतों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था.

जनभागीदारी थीम के तहत पर्यटन मंत्रालय 26-31 जनवरी, 2023 तक दिल्ली के लाल किले के सामने ‘भारत पर्व’ का आयोजन भी करेगा. ज्ञान पथ पर इस आयोजन में गणतंत्र दिवस की झांकी, सैन्य बैंड के प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, देशभर के फूड कोर्ट और क्राफ्ट बाजार की झलकियां देखी जा सकती है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में कई नए कार्यक्रम आयोजित होंगे. सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य उत्सव, वीर गाथा 2.0, वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता का दूसरा संस्करण प्रमुख है. इसके अलावा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सैन्य और तटरक्षक बैंड का प्रदर्शन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अखिल भारतीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता, बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग भी मुख्य आकर्षण होंगे.

गणतंत्र दिवस समारोह पर कार्यक्रमों के बारे में रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि समारोह में देश की सांस्कृतिक विविधता और स्टार्ट-अप इकोसिस्टिम और डिजिटल इंडिया की झलकियां होंगी. कर्तव्य पथ के विजय चौक पर होने वाला ऐतिहासिक आयोजन बीटिंग द रिट्रीट अब तक के सबसे बड़े ड्रोन शो और एनामोर्फिक प्रोजेक्शन का साक्षी भी बनेगा.

गौरतलब है कि अल सिसी 2014 में मुस्लिम ब्रदर हुड के नेतृत्व वाली पहली लोकतांत्रिक सरकार का तख्ता पलट कर मिस्र की सत्ता पर काबिज हो गए थे. सत्ता संभालने के बाद सीसी के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रपति अल – सीसी के विरोधी गुट मुस्लिम ब्रदर हुड के तमाम बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को अशांति फैलाने के आरोप में ट्राइबनल द्वारा गिरफ्तार करा कर जेलों में डलवाया. इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति डॉ. मुहम्मद मुर्सी को गिरफ्तार कर लिया गया. जिसके बाद डॉ. मुर्सी का जेल में ही देहांत हो गया था. बता दे कि अरब दुनिया में मुस्लिम ब्रदर हुड एक मजबूत सियासी ताकत है. वर्ष 2018 में एक बार फिर से देश में हुए आम चुनाव में राष्ट्रपति अब्दुल फत्ताह अल-सीसी ने जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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