Sunday, February 25, 2024
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फिलीपींस का मस्बाते तेज भूकंप के झटकों से थरराया, रिक्टर स्केल पर 6.1 की तीव्रता

फिलीपींस के मस्बाते क्षेत्र मे गुरुवार को सुबह सवेरे भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि 6.1 तीव्रता के भूकंप ने मध्य फिलीपींस को हिला कर रख दिया है. यूएसजीएस के मुताबिक भूकंप का केंद्र मुख्य द्वीप मस्बाते में उसोन नगर पालिका में मिआगा के करीब के गांव से 11 किलोमीटर यानी सात मील दूर था. फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है. 18 जनवरी को भी फिलीपींस के दक्षिण हिस्से में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. उस समय रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.3 मापी गई थी.

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए. हालांकि सुनामी की कोई चेतावनी अब तक जारी नहीं की गई थी. मस्बाते प्रांत के पुलिस प्रमुख रोली अल्बाना ने बताया, भूकंप के झटके काफी तेज थे. उन्होंने कहा कि वह सो रहे थे, भूकंप से जब धरती हिली तो उनकी नींद खुल गई. अल्बाना ने कहा कि पुलिस ने भूकंप के किसी भी तरह के असर की सूचना नहीं दी है. उसन पुलिस प्रमुख कैप्टन रेडेन टोलेडो ने कहा कि कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल गए हैं.

दिमासांग नगर पालिका के एक आपदा अधिकारी ग्रेगोरियो एडिग ने कहा कि उन्होंने भूकंप के लगभग एक घंटे बाद एक मजबूत आफ्टरशॉक महसूस किया. लेकिन इलाके में इमारतों को नुकसान नहीं हुआ है. एडिग ने कहा कि जल्द ही हम एक एक गांव के स्कूलों का दौरा करेंगे और उनकी इमारतों का निरीक्षण करेंगे. मस्बाते शिक्षा विभाग ने कथित तौर पर प्रांत में “लगातार आफ्टरशॉक्स महसूस किए जाने” की वजह से गुरुवार को स्कूलों में छुट्टी कर दी है.

बता दें कि इससे पहले अक्टूबर 2022 में उत्तरी फिलीपींस में भी भूकंप के तेज़ झटके देखने को मिले थे. 6.4-तीव्रता वाले उस भूकंप ने अब्राह प्रांत के पहाड़ी शहर डोलोरेस में काफी तबाही मचाई थी. जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए, इमारतों को नुकसान पहुंचा और अधिकतर इलाकों में बिजली कट गई. पिछली जुलाई में पर्वतीय आबरा में 7.0 तीव्रता के भूकंप के कारण भूस्खलन और जमीन में दरार आ गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई सौ लोग घायल हो गए थे.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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