Sunday, February 25, 2024
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27 महीने बाद सीतापुर जेल से आजम खान हुए रिहा, अखिलेश ने ट्वीट तो शिवपाल ने जताई ख़ुशी

अंज़रुल बारी

सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत के बाद आज 20 मई को सपा नेता मुहम्मद आज़म खान को सीतापुर जेल से रिहाई मिल गई है. आजम खान के साथ उनके दोनों बेटे और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव भी मौजूद रहे इसके साथ ही आजम खान के दोनों बेटे भी उन्हें लेने जेल के बाहर पहुंचे थे. हालांकि की सपा का कोई बड़ा नेता सीतापुर जेल नहीं पहुंचा. जेल से आजम सीधे सीतापुर में अपने करीबी पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे. वहां समर्थकों ने आजम को घेर लिया. समर्थकों से गले मिलने के दौरान आजम भावुक हो गए. उनकी आंखें भर आईं.
आजम खान की रिहाई से ठीक पहले अखिलेश यादव ने आजम की रिहाई पर सुबह पहला ट्वीट किया. उन्होंने कहा – रिहा होने पर हार्दिक स्वागत है. वहीं प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी आजम खान की रिहाई की जानकारी मिलते ही ट्वीट कर लिखा, ‘सूबे के आवाम के लिए यह सुखद है कि आजम खान साहब आज उनके चाहने वालों के बीच होंगे. शिवपाल यादव ने कहा कि, न्याय की जीत है. आजम खान की जीत है. हम लोग समाजवादी हैं. हमेशा नेता जी से सीखा है कि सुख दुख में साथ रहना. अखिलेश यादव से नाराजगी पर शिवपाल यादव ने कहा, ये तो उन्हीं से पूछिए.
सपा के पूर्व मंत्री की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवाई, जस्टिस एस गोपन्ना की बेंच ने 19 मई को फैसला सुनाया था. दरअसल, एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरा मामला दर्ज होने से परेशान आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, और जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी, जिसमें आजम के वकील कपिल सिब्बल ने कई दलीलों के जरिए उन्हें जमानत देने की मांग की थी.
बता दें कि सपा के कद्दावर नेता आजम खान के खिलाफ कुल 89 मुकदमे दर्ज हुए हैं, इन सभी मामलों में अब उन्हें जमानत मिल चुकी है. शत्रु संपत्ति के मामले को मिलाकर उन्हें 88 मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए आजम को अंतरिम जमानत दी है. आजम खान बीते 27 महीने से सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं।
वहीं आजम की पत्नी तंजीन फातिमा ने तो अखिलेश के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. उन्होंने बताया कि “मैं उनके (अखिलेश यादव) बारे में कुछ नहीं कहना चाहती. कोर्ट ने हमें राहत दी है, मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने मुश्किल समय में हमारा साथ दिया.”

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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