Saturday, April 13, 2024
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राजीव गाँधी हत्या कांड के दोषी होंगे रिहा, शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी को भी मिली जमानत

अखिलेश अखिल

आज की दो खबरे काफी अहमियत वाली है. इन दोनों खबरों ने कभी देश को हिला कर रख दिया था. आज ये दोनों खबरे फिर से सबकी निगानो में ताजा हो रही है. पहली खबर तो ये है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है. हत्याकांड में दोषी और उम्र कैद की सजा काट रहे एजी पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है. एजी पेरारिवलन बीते 31 सालों से जेल में सजा काट रहे थे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे पेरारिवलन की समय पूर्व रिहाई की मांग करने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
बता दें, राजीव गांधी हत्याकांड मामले में एजी पेरारिवलन ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि, तमिलनाडु सरकार ने उनकी रिहाई का फैसला लिया था, लेकिन राज्यपाल ने काफी समय तक उनकी फाइल को अपने पास होल्ड कर लिया था. उसके बाद फाइल को राष्ट्रपति के पास भेजा गया. उन्होंने इसे संविधान के खिलाफ बताया. बता दें, इससे पहले एजी पेरारिवलन को न्यायालय ने 9 मार्च को जमानत दे दी थी. कोर्ट ने कहा था कि, सजा काटने और पैरोल के दौरान उसके आचरण को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं मिली थी.
गौरतलब है कि, 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में हत्या की गई थी. इसके बाद 11 जून 1991 को पेरारिवलन को गिरफ्तार किया गया था. पेरारिवलन पर बम धमाके के लिए उपयोग में आई दो 9 वोल्ट की बैटरी खरीद कर मास्टरमाइंड शिवरासन को देने का आरोप सिद्ध हुआ था. पेरारिवलन घटना के वक्त महज 19 साल युवक था. बीते 31 साल से वो जेल में है इस दौरान उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी है. उसने अच्छे नंबरों से कई डिग्रियां भी हासिल की है.
बता दें, राजीव गांधी हत्याकांड मामले में 7 लोगों को दोषी ठहराया गया था. कोर्ट ने सभी को मौत की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया था. इसके बाद 2016 में जे जयललिता और 2018 एके पलानीसामी की सरकार ने दोषियों की रिहाई की सिफारिश की थी. लेकिन राज्यपालों ने फाइल को लंबे समय तक अपने पास रख लिया था. काफी समय तक दया याचिका पर फैसला नहीं होने के कारण दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.
आज की दूसरी बड़ी खबर है शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इन्द्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. इन्द्राणी मुखर्जी अभी जेल में हैं और वह शीना बोरा की माँ है।
न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई जल्द पूरी होने की संभावना नहीं है. पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप लगाये गये हैं कि उन्होंने अपनी बेटी के राहुल मुखर्जी के साथ प्रेम संबंध होने के कारण उसकी हत्या की साजिश रची. राहुल पीटर मुखर्जी और उनकी पूर्व पत्नी के बेटे हैं. उसने कहा कि हम याचिका के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं. अगर अभियोजन पक्ष 50 प्रतिशत गवाह भी पेश कर देता है, तो भी मुकदमा जल्द खत्म नहीं होगा. निचली अदालत के संतुष्ट होने पर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाएगा. पीटर मुखर्जी पर लागू की गईं शर्तें उन पर भी लागू होंगी.
इंद्राणी मुखर्जी अगस्त 2015 में गिरफ्तारी के बाद से मुंबई के भायखला महिला कारागार में बंद हैं. इंद्राणी मुखर्जी की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश हुए. रोहतगी ने कहा कि मुकदमे पर सुनवाई जल्द पूरी नहीं होने वाली है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में गवाहों से जिरह की जानी बाकी है. शीना बोरा की हत्या के मामले की सुनवाई कर रही केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो की विशेष अदालत कई बार इंद्राणी की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है.
गौरतलब है कि मुखर्जी, उसके चालक श्यामवर राय और पूर्व पति संजीव खन्ना ने अप्रैल 2012 में एक कार में शीना बोरा (24) की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी. उसका शव महारष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था. इस साजिश का हिस्सा होने के आरोप में पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया था. उन्हें फरवरी 2020 में उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी. हालांकि जेल में बंद रहने के दौरान ही उन्होंने इंद्राणी मुखर्जी से तलाक ले लिया था.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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