Saturday, April 20, 2024
होमटेक्नोलॉजी'मेटा' के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर...

‘मेटा’ के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर दी

फेसबुक की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ ने 11,000 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है. समाचार एजेंसियों के मुताबिक, मेटा कंपनी दुनियाभर के 11,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी करेगी. खबरों के अनुसार, बढ़ती लागत और कमजोर विज्ञापन मार्केटिंग ने ‘मेटा’ कंपनी में छंटनी की है.

इस संबंध में ‘मेटा’ के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने छटनी के फैसले के बाद कहा है कि छंटनी का फैसला ‘मेटा’ के इतिहास में सबसे कठिन फैसला है, मैं इस निर्णय पर पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. मार्क जुकरबर्ग ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ ही सबसे माफी भी मांगी है.

बता दें कि ‘मेटा’ कंपनी के 18 साल के इतिहास में पहली बार बोर्ड की नौकरियों में कटौती की जा रही है. इससे पहले, ट्विटर और माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपनी कंपनियों के हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments