Sunday, February 25, 2024
होमताज़ातरीनमथुरा की शाही ईदगाह में हनुमान चालीसा के पाठ का ऐलान, कांवड़...

मथुरा की शाही ईदगाह में हनुमान चालीसा के पाठ का ऐलान, कांवड़ ले जाने का प्रयास कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार

6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद की शहादत की बरसी पर आज हिंदू महासभा ने मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ और लड्डू गोपाल की प्रतिमा को स्थापित करने का ऐलान किया है. हिंदू संगठनों के इस ऐलान के बाद आगरा और मथुरा में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट और चौकस है. मथुरा में शाही ईदगाह के आस पास के इलाके में धारा 144 लागू करते हुए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है. इसी बीच पुलिस ने ईदगाह मस्जिद में कांवड़ लेकर घुसने की कोशिश कर रहे एक शख्स को हिरासत में लिया है.

दरअसल, अखिल भारत हिंदू महासभा युवा के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश भदौरिया ने कहा है कि वो 6 दिसंबर को मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के नजदीक बनी शाही जामा मस्जिद में रुद्राभिषेक करेंगे और लड्डू गोपाल की प्रतिमा स्थापित करेंगे. अगर पुलिस प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया तो वहीं आत्मदाह कर लेंगे. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बृजेश भदौरिया ने कहा है कि वह अयोध्या में सरयू, काशी और संगम से पवित्र नदियों का जल लेकर आए हैं. 6 दिसंबर को वह शाही मस्जिद मथुरा पहुंचेंगे. पहले शुद्ध जल से जामा मस्जिद में रुद्राभिषेक करेंगे. इसके बाद मंदिर में लड्डू गोपाल की प्रतिमा स्थापित करेंगे. हिंदू महासभा द्वारा किए गए ऐलान के बाद हिंदू-मुस्लिम संगठनों से जुड़े लोगों को शाही ईदगाह के पास आने पर रोक लगा दी गई है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह की ओर से हो कर गुजरने वाले जाने वाले मार्गों पर वाहनों को भी रोक दिया गया है.

मथुरा के वरिष्ठ पुलिस सुपरिटेंडेंट शैलेश पांडे ने कहा, 6 दिसंबर को अखिल भारत हिंदू महासभा के ज़रिए उस जगह पर ‘हनुमान चालीसा’ के पाठ समेत किसी भी तरह का प्रोग्राम करने के लिए न तो कोई इजाज़त मांगी गई और न ही दी गई. पाबंदियों की खिलाफवर्ज़ी करने वालों से गंभीरता से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर और शाही ईदगाह मस्जिद की सिक्योरिटी सेंट्रेल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के ज़रिए की जाती है. 6 दिसंबर के दिन की संजीदगी को देखते हुए हमने पहले से ही आसपास के जिलों से इज़ाफी पुलिस फोर्स मंगवाया है.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments