Sunday, February 25, 2024
होमताज़ातरीनदादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित हुई आशा पारेख 

दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित हुई आशा पारेख 

 

गुजरे जमाने की नामचीन बॉलीवुड एक्ट्रेस आशा पारेख को इस साल 68वें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. अब हाल ही में आशा ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बारे में बात की और खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें ये अवॉर्ड पाकर बहुत अच्छा लग रहा है.

आशा कहती हैं, ‘ये अवॉर्ड मेरे बर्थडे के दो दिन पहले मिला है. ये 80 साल में अब तक का सबसे बेहतरीन गिफ्ट है. ये अवॉर्ड पा कर बहुत अच्छा लग रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे मेरी सारी तमन्नाएं पूरी हो गई हों. शुरुआत में जब मुझे पता चला कि मुझे ये अवॉर्ड मिल रहा है, तब मुझे यकीन ही नहीं हुआ. लेकिन अब वाकई में लग रहा है कि मुझे ये अवॉर्ड मिला है.’

आशा की बात करें तो उनका जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था. उन्होंने महज 10 साल की उम्र में एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. आशा ने बॉलीवुड की करीब 95 फिल्मों में काम किया है. वो आखिरी बार साल 1999 में आई फिल्म ‘सर आंखों पर’ में नजर आई थीं. आशा को 11 बार लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. वहीं 1992 में उन्हें भारत सरकार की ओर से देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया था.

आशा वर्तमान में डांस एकेडमी ‘कारा भवन’ चला रही हैं. इसके अलावा, सांता क्रूज, मुंबई में उनका हॉस्पिटल ‘बीसीजे हॉस्पिटल एंड आशा पारेख रिसर्च सेंटर’ भी चल रहा है.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments