Sunday, February 25, 2024
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गुजरात: मोरबी में नदी पर बना सस्पेंशन ब्रिज टूट कर गिरा, कम से कम 60 लोगों की मौत

गुजरात के मोरबी में रविवार को उस समय दर्दनाक हादसा पेश आया जब मच्छू नदी पर बना केबल ब्रिज टूट कर गिर गया. अब तक कम से कम 60 लोगों की मौत हुई है. हादसे के बाद से पूरे इलाके में अफरा तफरी फैल गई. हादसे में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, कई लोगों के नदी में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें निकलने का काम जारी है.

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि शाम साढ़े छह बजे यह पुल गिरा. उस दौरान वहां 150 लोग मौजूद थे. गुजरात सरकार ने हादसे की जांच के लिए 5 सदस्य एसआईटी का गठन कर दिया है. इसके अलावा सीआईडी की एक टीम भी घटना की जांच करेगी.

हालांकि एक सदी पुराना ये पुल किस वजह से गिरा है अब तक इसका पता नहीं चल सका है. बताया जा रहा है कि जब ये पुल गिरा, उस वक़्त पुल पर बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे. शहर से होकर गुजरने वाला यह पुल सालों से बंद था. हाल ही में मरम्मत के बाद इसे दीपावली और गुजराती नव वर्ष के मौके पर 5 दिन पहले ही जनता के लिए फिर से खोल दिया गया था. दिवाली की छुट्टियों और रविवार होने के वजह से पुल पर लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए थे.

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार रुपये की राहत राशि देने का एलान किया है. साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष से भी मरने वालों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हज़ार रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की गई है.

इस बीच मोरबी रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट किया, “मोरबी में सस्पेंशन ब्रिज के गिरने से मुझे दुख हुआ है. अधिकारियों द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी है. मैंने घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं. मैं इस संबंध से लगातार ज़िला प्रशासन के संपर्क में हूं.”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख प्रकट किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने इस मामले पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की है. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मैनें राहत कार्य के लिए टीमें भेजने को कहा है. हम स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. पीड़ितों को हरसंभव मदद देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं.”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर लिखा है कि, “मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं. इस विषय में मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी व अन्य अधिकारियों से बात की है. स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है. प्रशासन को घायलों को तुरंत उपचार देने के निर्देश दिए हैं.”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर घटना पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा है कि “गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे की खबर बेहद दुःखद है. ऐसे मुश्किल समय में मैं सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की हर संभव सहायता करें और लापता लोगों की तलाश में मदद करें.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंज केजरीवाल ने भी ट्वीट कर हादसे पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, ‘गुजरात में हादसे की बेहद दुःखद खबर मिली है. मोरबी में ब्रिज टूट जाने से कई लोगों के नदी में गिर जाने की खबर है. भगवान से उनकी जिंदगी और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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