Sunday, February 25, 2024
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गर्भगृह से शिखर तक स्वर्ण जड़ित होगा रामलला मंदिर

पटना स्थित महाबीर ट्रस्ट के प्रस्ताव के बाद अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को स्वर्ण जड़ित मंदिर बनाने पर अब आम सहमति बन गई है. यह मंदिर अपने आप में दिव्य तो होगा ही स्वर्ण जड़ित भी होगा. खबर के मुताबिक श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी इस पर सहमति दे दी है.

पटना स्थित महाबीर मंदिर ट्रस्ट ने यह प्रस्ताव दिया था कि मंदिर को गर्भगृह से शिखर तक स्वर्ण से अलंकृत किया जाए. महाबीर ट्रस्ट ने कहा था कि इस कार्य के लिए जितने सोने की जरूरत होगी महाबीर ट्रस्ट की तरफ से दिया जाएगा. यह प्रस्ताव लम्बे समय से पेंडिंग था, लेकिन अब श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रस्ताव को स्वीकार कर अपनी मुहर लगा दी है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविन्द देव गिरी ने कहा है कि गर्भगृह में राम लला बिराजमान के आसान से शिखर को स्वर्ण जड़ित करने पर सभी ट्रस्टियों की सहमति बन गई है. उधर, मंदिर का सिंह द्वार भी चांदी जड़ित होगा. पूरे सिंह द्वार को चांदी से सजाया जायेगा. इस जिम्मेदारी को हरिद्वार स्थित काशीमठ के पीठाधीश्वर स्वामी संयम तीर्थ महाराज के एक अनुयायी ने ली है.

बता दें कि महाबीर मंदिर ट्रस्ट पटना व अमावांराम मंदिर रामकोट के सचिव एंव पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने पूरे गर्भगृह को स्वर्ण जड़ित कराने का प्रस्ताव दिया था. जिसमें यह कहा गया था कि गर्भगृह में जितना भी स्वर्ण लगेगा. उसे महावीर मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से राम जन्मभूमि को समर्पित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कहेगा तो स्वर्ण खरीद कर दिया जाएगा. किशोर कुणाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही राम मंदिर निर्माण के लिए दस करोड़ प्रदान करने का निर्णय महावीर मंदिर ट्रस्ट ने लिया था. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र गठन के बाद से अब तक दो-दो करोड़ की तीन अलग-अलग किस्तें तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को भेंट कर दी गई है. शेष चार करोड़ की धनराशि में, दो करोड़ की चौथी किश्त जुलाई व अंतिम किश्त दिसम्बर 2023 से पहले ही दे दी जाएगी.

जाहिर है जब यह मंदिर बनकर तैयार होगा, इसकी भव्यता देखने वाली होगी. कोशिश यह की जा रही है कि रामलला का मंदिर भारत के मंदिरों में तो श्रेष्ठ हो ही दुनिया भर में स्थापित अन्य धार्मिक मंदिरों की तुलना में भी भव्य नजर आए.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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