Sunday, February 25, 2024
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क्या बंगाल से अलग होगा कुचविहार ? केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी !

राजनीति तो राजनीति है. अधिकतर लोगों की नजरें गुजरात और हिमाचल के चुनाव पर टिकी है. लेकिन कुछ नेताओं की नजर बंगाल से कुचविहार को अलग कर केंद्र शासित राज्य बनाने में लगी है. उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों को शामिल करते हुए एक अलग कूच बिहार की मांग कर रहे नेता अनंत राय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनना केवल समय की बात है. ग्रेटर कूचबिहार के एक गुट का नेतृत्व करने वाले अनंत राय ने कूचबिहार जिले के भेटागुरी शहर में प्रमाणिक के साथ एक घंटे तक बैठक की. राय ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि मुझे विश्वास है कि यह (नया केंद्र शासित प्रदेश) जल्द ही होगा. मैं समय और तारीख पर टिप्पणी नहीं कर सकता. लेकिन आप निश्चिंत हो सकते हैं कि कूचबिहार का नया केंद्र शासित प्रदेश केवल समय की बात है.

केंद्र शासित प्रदेश के बारे में राय की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कूचबिहार निर्वाचन क्षेत्र के सांसद प्रमाणिक ने कहा कि समय आने पर मैं इस पर टिप्पणी करूंगा. राय का संगठन ग्रेटर कूचबिहार पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में कूचबिहार और कई अन्य जिलों को मिलाकर एक स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहा है. उनकी टिप्पणी पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने तीखा जवाब दिया, औक कहा कि वह कभी भी पश्चिम बंगाल के विभाजन की अनुमति नहीं देगी. टीएमसी नेता और उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने कहा कि वो जितनी चाहें उतनी बैठकें कर सकते हैं या जो चाहें कह सकते हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल का कोई विभाजन नहीं होगा.

सुरम्य दार्जिलिंग सहित अपने आठ जिलों के साथ उत्तर बंगाल, पश्चिम बंगाल के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है. क्योंकि इसमें आय पैदा करने वाली चाय, लकड़ी और पर्यटन उद्योग हैं.

यह क्षेत्र सिलीगुड़ी गलियारे के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जिसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यह उत्तर पूर्वी राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है. यह क्षेत्र नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के साथ सीमा साझा करता है. इस इलाके ने अस्सी के दशक की शुरुआत से गोरखा, राजबंशी, कोच और कामतापुरी समुदायों जैसे विभिन्न जातीय समूहों द्वारा कई हिंसक राज्य के आंदोलनों को देखा है.

बीजेपी के अलीपुर द्वार से सांसद जॉन बारला और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी और डबग्राम-फुलबाड़ी सीटों के विधायक आनंदमय बर्मन और शिखा चटर्जी ने मांग की है कि उत्तर बंगाल के जिलों से एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए. कर्सियांग से बीजेपी विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा ने पिछले साल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को पत्र लिखकर दार्जिलिंग हिल्स को पश्चिम बंगाल से अलग करने की मांग की थी.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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