Saturday, April 13, 2024
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कर्नाटक के शिमोगा में तनाव बढ़ा, सावरकर के पोस्टर को लेकर बड़ी सभाओं पर प्रशासन ने लगाई रोक

 

कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. दरअसल आरएसएस विचारक वीडी सावरकर की फोटो हटा कर स्वतंत्रता सेनानी और शेरे मैसूर के नाम से मशहूर टीपू सलतान की फोटो वाले बैनर को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने बड़ी सभाओं पर फौरी रोक लगा दी है. साथ ही हालत को देखते हुए इलाके में धारा 144 भी लागू कर दी गई है. झड़प की घटना में एक व्यक्ति को चाकू मार मार घायल कर दिया गया था. जिसे मेगन अस्पताल में भर्ती किया गया है. हालात को देखते हुए कर्नाटक के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र आज शिमोगा के दौरे पर हैं.

जानकारी के अनुसार एक विशेष समुदाय के लोगों ने अमीर अहमद सर्कल पर सावरकर का बैनर लगाने के लिए हिंदू समर्थक कार्यकर्ताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. जिसके बाद दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था. इस दौरान एक व्यक्ति के पेट में चाकू मार कर उसे घायल कर दिया. जिसे इलाज के लिए नजदीक के मेगन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

बता दें कि इससे पहले कर्नाटक सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ विज्ञापन पर भी जबरदस्त विवाद हुआ था. कर्नाटक सरकार ने पीएम मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए अखबार में एक विज्ञापन प्रकाशित कराया था. इस विज्ञापन में देश की आजादी में बड़ी भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को जगह दी गई थी. खास बात ये है कि राज्य सरकार के इस विज्ञापन से देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू गायब थे, जबकि इनकी जगह विनायक सावरकर को जगह दी गई थी. यह विज्ञापन 14 अगस्त को छपवाया गया था.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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