Saturday, April 13, 2024
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इज़राइल की खुदाई की कार्रवाइयां अल अक्सा मस्जिद के लिए गंभीर खतरा: इमाम अल-अक्सा मस्जिद

ज़राइली अधिकृत यरुशलम में मुसलमानों के पहला किबला अल-अक्सा मस्जिद के इमाम शेख इकरामा साबरी ने कहा है कि ज़ायोनी शक्तियां अधिकृत यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को नुकसान पहुंचाने के लिए चुपचाप अपनी साजिशों को अंजाम देने में जुटी हैं.
अल-अक्सा मस्जिद के इमाम शैख इकरामा सबरी ने कहा कि “पश्चिमी क्षेत्र में इजरायल की साजिशों और खुदाई की कार्रवाइयों ने अल-अक्सा मस्जिद के लिए नए गंभीर खतरे पैदा किए हैं. दुश्मन अब अल-अक्सा पर एकाधिकार स्थापित कर रहा है, जबकि मुस्लिम देश और वहां की सरकारें इस गंभीर खतरों की अनदेखी कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि दुश्मन मुसलमानों की लापरवाही का फायदा उठा रहा है और चुपचाप पहले क़िबला के खिलाफ अपनी साजिशों को जारी रखे हुए है. उन्होंने मुसलमानों को सतर्क रहने और इस संबंध में मुसलमानों की कमजोरी और लापरवाही के खिलाफ चेतावनी देते हुए सतर्क रहने की अपील की है.
अल-कुद्स के शोधकर्ताओं ने पश्चिमी क्षेत्र में इजरायल की खुदाई के कारण अल-अक्सा मस्जिद को नए गंभीर खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है.
विशेषज्ञों का कहना है कि खुदाई का उद्देश्य पहले क़िबला की ऐतिहासिक स्थिति को यहूदी धर्म में बदलना, मुसलमानों की इस धार्मिक विरासत को मिटाना और इसे यहूदी विरासत बनाना है.
अल-अक्सा मस्जिद के मामलों की देखरेख करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि पहले क़िबला के पास खुदाई से कई जगहों पर मस्जिद के फर्श में दरारें आ गई हैं. ये दरारें इस्लामिक संग्रहालय के पास, अल-अक्सा मस्जिद के पश्चिमी हिस्से में, शाइनिंग वॉल से सटे पश्चिमी गेट के सभी मार्गों पर और उमय्यद महलों के स्थलों पर देखी गई हैं.

Anzarul Bari
Anzarul Bari
पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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