Monday, December 11, 2023
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सीएम हेमंत सोरेन आज ईडी के सामने होंगे पेश, यूपीए रणनीति बनाने में जुटा 

झारखंड में आज बड़ी हलचल है. रांची की राजनीतिक परिस्थितियां अचानक बदल गई है. आज दिन के 11 बजे सीएम सोरेन ईडी के सामने पेश होंगे. अगर ईडी कोई फैसला लेती है तो सरकार में शामिल सभी दल उसका मुकाबला करने को तैयार है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि परिस्थिति के अनुसार किसी भी फैसले के लिए तैयार रहें.

बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पहले झामुमो विधायकों की बैठक हुई. इसमें सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया. इसके बाद यूपीए विधायको की साझा बैठक हुई़. सभी विधायकों को रांची में ही रहने को कहा गया है.

बुधवार दोपहर कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के आवास में पार्टी विधायकों की बैठक भी हुई. हालांकि इसमें पार्टी के निलंबित विधायकों सहित आठ विधायक नहीं पहुंचे. कांग्रेसी विधायकों ने कहा कि वह पूरी एकजुटता के साथ वर्तमान परिस्थिति से लड़ेंगे. देर शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर गठबंधन के विधायक साथ बैठे. इडी के समक्ष पेशी के एक दिन पूर्व हेमंत सोरेन जम कर बरसे भी. उन्होंने झामुमो कार्यकर्ताओं से कहा कि आप डटे रहिये, मैं सबको एक-एक कर देख लूंगा. बीजेपी का नाम लिये बिना कहा कि ये हर तरह के प्रयास में लगे हैं. मुझे सत्ता से बेदखल करने के लिए. आप डटे रहिए मैं सबको एक – एक कर देख लूंगा.

हेमंत सोरेन ने अपने आवास में झामुमो मिलन समारोह को संबोधित किया. समारोह को संबोधित करते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि षडयंत्रकारी पनडुब्बी पानी से निकलने की तैयारी कर रहा है. उसको जवाब देना है. उन्होंने कहा कि बाहर से आकर राजनीति करने वाले लोगों को बाहर ही खदेड़ देंगे. इस राज्य में वही राज कर सकता है, जो आदिवासी – मूलवासी की भावना समझता हो. झामुमो ही इस भावना को बखूबी समझ सकती है. अब समय आ गया है कि आदिवासी-मूलवासी एक ही छत के नीचे आयें. यह आपको तय करना है कि षडयंत्रकारियों का राज चलेगा या यहां के आदिवासियों और मूलवासियों का. इनको पता है कि अगर इस आदमी ने पांच साल तक काम किया, तो यहां के आदिवासी-मूलवासी को इतना मजबूत कर देगा कि उनको बाहर जाना होगा.

सीएम ने कहा कि राज्य तो हमने ले लिया है, लेकिन दुर्भाग्य से राज्य की दिशा देने का काम ऐसे लोगों के हाथ में चला गया, जो राज्य के घोर विरोधी रहे हैं. ऐसे लोगों ने 20 साल तक राज किया. वह समय यहां के लोगों के लिए दर्दनाक और पीड़ादायक रहा है. यहां अधिकार के लिए लड़ने वाले लोगों पर लाठियां बरसायी गयी. 2019 के राजनीतिक लड़ाई में हमलोगों ने कांग्रेस, राजद और झामुमो के साथ मिलकर मजबूत गठबंधन की सरकार बनायी. जनता ने हमारी बातों पर विश्वास किया. राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है. जब गांव-गांव पंचायत अधिकारी जा रहे हैं. ऑन स्पॉट आवेदन का निपटारा हो रहा है.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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