Home ताज़ातरीन मौलाना महमूद मदनी ने हरियाणा के धर्म विरोधी धर्मांतरण कानून का समर्थन किया

मौलाना महमूद मदनी ने हरियाणा के धर्म विरोधी धर्मांतरण कानून का समर्थन किया

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मौलाना महमूद मदनी ने हरियाणा के धर्म विरोधी धर्मांतरण कानून का समर्थन किया

देश में जबरन धर्म परिवर्तन और कथित लव जिहाद को लेकर बढ़ती बहस के बीच जमीयत उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी का कहना है कि सिर्फ शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन सही नहीं है, और ऐसा नहीं करना चाहिए. साथ ही उन्होंने हरियाणा में लागू धर्मांतरण विरोधी कानून का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि सिर्फ शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए.

खबरों के मुताबिक जमीयत उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने हरियाणा में लागू धर्मांतरण विरोधी कानून का समर्थन करते हुए कहा कि सिर्फ शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि धर्म की बात दिल से है, मैं कुछ मानता हूं और जब मुझे विश्वास होगा कि यह सही है, तो मैं इसे अपना लूंगा.

गौरतलब हो कि हाल ही में हरियाणा में शादी के लिए धर्म परिवर्तन को लेकर कानून लागू किया गया है. पिछले मंगलवार को हरियाणा के राज्यपाल ने धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने वाले कानून को मंजूरी दी थी. ऐसे में हरियाणा में कोई भी महिला या पुरुष शादी के लिए धर्म नहीं बदल सकेगा. हरियाणा सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है.

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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.

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