Home जुर्म जयपुर ब्लास्ट केस के सभी आरोपी बरी, ट्रायल कोर्ट के फांसी के फैसले को हाई कोर्ट ने पलटा

जयपुर ब्लास्ट केस के सभी आरोपी बरी, ट्रायल कोर्ट के फांसी के फैसले को हाई कोर्ट ने पलटा

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जयपुर ब्लास्ट केस के सभी आरोपी बरी, ट्रायल कोर्ट के फांसी के फैसले को हाई कोर्ट ने पलटा

राजस्थान के जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट से जुड़े केस में सभी आरोपियों को हाई कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया गया है. बुधवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में ट्रायल कोर्ट का फैसला पलट दिया. दरअसल चार बरस पहले ट्रायल कोर्ट ने इन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद बचाव पक्ष की ओर से फैसले को हाई कोर्ट में चैलेंज किया गया था.

जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस समीर जैन की बेंच ने केस में डेथ रिफरेंस समेत आरोपियों की ओर से पेश 28 अपीलों पर फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने इस दौरान आरोपियों की अपील को मंजूर किया. बेंच ने कहा कि जांच अधिकारी को लीगल (कानूनी मामलों से जुड़ी) जानकारी नहीं है. उन्होंने इसके साथ ही जांच अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है.

डेथ रेफरेंस पर इससे पहले हाईकोर्ट में लगभग 48 दिन तक सुनवाई चली थी, जबकि सभी पक्षों के मौखिक तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने इस दौरान सलमान का मामला जोविनायल कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया और सैफ, सैफूर्रहमान और सरवर आजमी को सभी आरोपों से बरी कर दिया.

दरअसल, यह पूरा मामला साल 2008 का है. जब 13 मई को राजधानी जयपुर सिलसिलेवार बम धमाके से दहल उठा था. इन धमाकों में दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी और करीब 185 लोग घायल हुए थे.

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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.

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