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कोरोना का भय : क्या ‘भारत जोड़ो यात्रा’ रोकना चाहती है बीजेपी ?

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कोरोना का भय : क्या ‘भारत जोड़ो यात्रा’ रोकना चाहती है बीजेपी ?

क्या भारत में फिर से कोरोना का खतरा बढ़ गया है ? ये सवाल इसलिए अहम है कि दो दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राहुल गाँधी को पत्र लिखकर बढ़ते कोरोना का भय दिखाकर भारत जोड़ो यात्रा को निलंबित करने की बात कही है. भारत जोड़ो यात्रा अब दिल्ली के पास पहुँच गई है और माना जा रहा है कि राहुल गाँधी को मिल रहे जनसमर्थन से बीजेपी बेहद परेशान है.

उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को निलंबित करने पर विचार का आग्रह किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इस यात्रा के प्रति बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर भारतीय जनता पार्टी इसे बाधित करना चाहती है. गहलोत ने कहा, “यह पत्र स्पष्ट दिखाता है कि बीजेपी का उद्देश्य बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में विघ्न डालना है.”

उल्लेखनीय है कि बीजेपी के तीन सांसदों द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर चिंता जताए जाने का हवाला देते हुए मांडविया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अनुरोध किया है कि अगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा सकता तो वह ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निलंबित करने पर विचार करें.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने ट्वीट किया, “राजस्थान चरण की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 21 दिसंबर की सुबह पूरी हो गई, पर यहां उमड़ी भारी भीड़ से बीजेपी और मोदी सरकार इतनी घबरा गई है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री 20 दिसंबर को राहुल गांधी को राजस्थान में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करने के लिए पत्र लिख रहे हैं.” उन्होंने आगे लिखा, “यह स्पष्ट दिखाता है कि बीजेपी का उद्देश्य बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को बाधित करना है.”

गहलोत के अनुसार, “दो दिन पहले प्रधानमंत्री जी ने त्रिपुरा में रैली की थी, जहां किसी भी कोविड प्रोटोकॉल पर अमल नहीं हुआ था. कोविड की दूसरी लहर में प्रधानमंत्री ने बंगाल में बड़ी रैलियां की थीं.” उन्होंने कहा, “अगर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का उद्देश्य राजनीतिक न होकर, उनकी चिंता जायज है तो उन्हें सबसे पहला पत्र प्रधानमंत्री को लिखना चाहिए था.”

गौरतलब है कि सात सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ अपने राजस्थान चरण को पूरा करने के बाद अब हरियाणा में आगे बढ़ रही है. राजस्थान में यात्रा ने झालावाड़, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, दौसा और अलवर जिले में 485 किलोमीटर की दूरी तय की. पार्टी नेताओं के मुताबिक, यात्रा 24 दिसंबर को दिल्ली में पहुंचेगी और उसके बाद नौ दिन का विराम लेगी.

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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.

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