Saturday, April 13, 2024
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कुरान ही नहीं गीता में भी है जिहाद, श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया महत्व, पूर्व केंद्रीयमंत्री शिवराज पाटिल का बयान

दिन रात जिहाद और जिहादी मानसिकता की बात करने वाले हिंदुत्वादी संगठनों को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने अपने एक बयान से बैकफुट पर ला खड़ा किया है. दरअसल वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई की जीवनी पर आधारित किताब के विमोचन में अपनी बात रखते हुए शिवराज पाटिल ने कहा कि जिहाद सिर्फ कुरान में नहीं है, बल्कि गीता में भी जिहाद का उल्लेख है, जीसस में भी जिहाद है. हालांकि उनके इस बयान की बीजेपी और वीएचपी ने तीखी आलोचना की है.

पाटिल ने कहा कि इस्लाम धर्म के अंदर जिहाद पर बहुत चर्चा हुई है. संसद में हम जो काम कर रहे हैं वो जिहाद को लेकर नहीं कर रहे बल्कि विचार को लेकर कर रहे हैं. जब स्वच्छ विचार तमाम कोशिशों के बाद भी कोई नहीं समझता है, तब शक्ति का उपयोग करना चाहिए. वो सिर्फ कुरान शरीफ के अंदर नहीं है, वो महाभारत के अंदर जो गीता का भाग है उसमें भी जिहाद है. महाभारत में श्रीकृष्ण जी ने भी अर्जुन को जिहाद का पाठ पढ़ाया था.

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पाटिल के बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस ने हिंदू नफरत की सारी सीमाएं पार कर दी हैं. तुष्टिकरण की राजनीति के चलते और आम आदमी पार्टी के गोपाल इटालिया और राजेंद्र पाल के हिंदू विरोधी बयानों से वो कहीं वोट बैंक की पूरी की पूरी दुकान न ले जाएं, इसी के चलते आज कांग्रेस ने सभी हदें पार कर दीं. पाटिल के बयान पर हिंदू महासभा प्रमुख स्वामी चक्रपाणि और वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी कड़ी आपत्ति जताई है. बंसल ने पाटिल के बयान पर कहा कि ये कांग्रेस के लिए ताबूत की आखरी कील साबित होगा.

विमोचन समारोह में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी शरीक थे. फारूक अब्दुल्ला ने भी पाटिल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि ईसाई धर्म की किताबों में भी ऐसा ही संदेश दिया गया है. समारोह में कांग्रेस सांसद शशि थरूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे और मणिशंकर अय्यर भी शामिल हुए.

Anzarul Bari
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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.
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