Home ताज़ातरीन कर्नाटक के बीदर जिले के पांच सौ साल पुराने मदरसे में दशहरा पूजा और नारेबाजी, बढ़ा तनाव 

कर्नाटक के बीदर जिले के पांच सौ साल पुराने मदरसे में दशहरा पूजा और नारेबाजी, बढ़ा तनाव 

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कर्नाटक के बीदर जिले के पांच सौ साल पुराने मदरसे में दशहरा पूजा और नारेबाजी, बढ़ा तनाव 

 

समाज को बाँटने और देश में नफरत का माहौल खड़ा करने वाली एक खबर कर्नाटक से आ रही है. खबर के मुताबिक़ कर्नाटक के बीदर जिले में दशहरा रैली में भाग ले रहे कुछ लोगों ने एक पुराने मदरसे में घुसकर नारेबाजी की और दशहरा पूजा भी की. इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

बताया जा रहा है कि कुछ शरारती तत्व सुरक्षाकर्मी को धक्का मारकर जबरदस्ती मदरसे में घुस गए. जानकारी के मुताबिक पूजा करने से पहले लोगों ने मदरसे की सीढ़ियों पर खड़े होकर नारे लगाए. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें सीढ़ियों पर खड़ी भारी भीड़ इमारत के अंदर जाने की कोशिश कर रही है.

 

मदरसे के अंदर पूजा कर रही भीड़ का वीडियो वायरल होने के बाद, मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूजा के दौरान भीड़ के नारियल तोड़ने से मदरसे का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि पुलिस ने आरोप की पुष्टि नहीं की.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश मेघनावर ने संवाददाताओं को बताया कि नौ लोगों के खिलाफ मदरसे में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में मामला दर्ज किया है. सैयद मुबश्शिर अली नाम के शख्स ने मार्केट पुलिस थाने में शिकायत के आधार पर नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद मदरसे के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

दूसरी ओर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देकर मुस्लिमों को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है. अपने ट्विटर अकाउंट पर ओवैसी ने घटना का वीडियो भी शेयर किया है. असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट में लिखा , “राज्य की बीजेपी सरकार “मुसलमानों को नीचा दिखाने के लिए ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है. ऐतिहासिक महमूद गवां मस्जिद में उग्रवादियों ने गेट का ताला तोड़ा और अपवित्र करने का प्रयास किया. बीदर पुलिस, कर्नाटक सीएम बसवराज बोम्मई आप ऐसा कैसे होने दे सकते हैं? बीजेपी केवल मुसलमानों को नीचा दिखाने के लिए इस तरह की गतिविधि को बढ़ावा दे रही है.”

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पिछले 23 सालों से डेडीकेटेड पत्रकार अंज़रुल बारी की पहचान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास चेहरे के तौर पर रही है. अंज़रुल बारी को देश के एक बेहतरीन और सुलझे एंकर, प्रोड्यूसर और रिपोर्टर के तौर पर जाना जाता है. इन्हें लंबे समय तक संसदीय कार्रवाइयों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. कई भाषाओं के माहिर अंज़रुल बारी टीवी पत्रकारिता से पहले ऑल इंडिया रेडियो, अलग अलग अखबारों और मैग्ज़ीन से जुड़े रहे हैं. इन्हें अपने 23 साला पत्रकारिता के दौर में विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के लिए भी काम करने का अच्छा अनुभव है. देश के पहले प्राइवेट न्यूज़ चैनल जैन टीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर शो 'मुसलमान कल आज और कल' को इन्होंने बुलंदियों तक पहुंचाया, टीवी पत्रकारिता के दौर में इन्होंने देश की डिप्राइव्ड समाज को आगे लाने के लिए 'किसान की आवाज़', वॉइस ऑफ क्रिश्चियनिटी' और 'दलित आवाज़', जैसे चर्चित शोज़ को प्रोड्यूस कराया है. ईटीवी पर प्रसारित होने वाले मशहूर राजनीतिक शो 'सेंट्रल हॉल' के भी प्रोड्यूस रह चुके अंज़रुल बारी की कई स्टोरीज़ ने अपनी अलग छाप छोड़ी है. राजनीतिक हल्के में अच्छी पकड़ रखने वाले अंज़र सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं साथ ही अपने बेबाक कलम और जबान से सदा बहस का मौज़ू रहे है. डी.डी उर्दू चैनल के शुरू होने के बाद फिल्मी हस्तियों के इंटरव्यूज़ पर आधारित स्पेशल शो 'फिल्म की ज़बान उर्दू की तरह' से उन्होंने खूब नाम कमाया. सामाजिक हल्के में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले अंज़रुल बारी 'इंडो मिडिल ईस्ट कल्चरल फ़ोरम' नामी मशहूर संस्था के संस्थापक महासचिव भी हैं.

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